जूते भी कर सकते हैं ‘मालामाल’ जानिए कैसे ? – Interesting Facts, Information in Hindi


जूते की एक जोड़ी पर अपनी सारी जमापूंजी दांव लगाने का विचार बेतुका लग सकता है फिर भी अनगिनत ‘स्त्रीकर्स’ (एक प्रकार के जूते) का मूल्यवान संपत्ति के रूप में ऑनलाइन लेन-देन बढ़ता जा रहा है।

कोरोना फैलने के बाद से तो इसमें लोगों की रुचि और भी बढ़ गई है। इसमें दिलचस्पी लेने वाले लोगों का सवाल है कि भला अन्य चीजों में निवेश क्यों करें जब जूते की एक सही जोड़ी आपको रातों-रात मालामाल कर सकती है?

डिजाइनर स्नीकर्स (एक प्रकार के जूते) और अन्य लग्जरी फैशन का कारोबार महामारी के दौरान खूब फलफूल रहा है। ‘स्टॉकएक्स’ जैसी कम्पनियों के लिए यह अच्छी खबर है।

यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां लोग स्नीकर्स, इलैक्ट्रॉनिक्स, स्ट्रीट वियर, कलैक्टिबल्स, घड़ियों और हैंडबैग्स के साथ-साथ वीडियो गेम कंसोल का लेनदेन करते हैं। ‘स्टॉकएक्स’ अब 3.8 बिलियन डॉलर मूल्य की कम्पनी बन चुकी है।

कम्पनी के सी.ई.ओ. स्कॉट कटलर कहते हैं, “उपभोक्ता खरीद और निवेश व्यवहार दोनों में बदलाव हमारी कम्पनी के लिए विशाल अवसर प्रदान कर रहे हैं।”

वैबसाइट हैंडबैग, घड़ियां और अन्य मूल्यवान संग्रह जैसी नवीनतम चीजों के साथ ही स्ट्रीटवियर से लेकर जॉर्डन और अन्य दुर्लभ जूते भी बेचती है। ‘लुइस विटन’ के स्त्रीकर्स जिनकी बड़ी मांग है।

अलग तरह का निवेश

कलात्मक, पुराने जमाने की चीजों या व्हिस्की की तरह यह बाजार भी अपनी एक अलग तरह की निवेश श्रेणी में विकसित हो चुका है। मूल रूप से ‘स्टॉकएक्स’ एक निवेश वस्तु के रूप में जूतों को चरम पर ले गई है।

अब ‘डो जोन्स’ या ‘डैक्स’ जैसे सूचकांकों के बजाय इस वैबसाइट पर ट्रेडर्स एक निवेश प्लेटफॉर्म की तरह अपने जूता पोर्टफोलियो’ की परफॉर्मेंस पर निगाह रखते हैं।

इस तरह हुई शुरूआत

स्नीकर्स का संग्रह करने वाले जोश लुबनेर को इस बात का अहसास था कि ये उनके लिए सोने की खान साबित हो सकते हैं उन्होंने 2016 में ‘स्टॉक्सएक्स’ को क्लीवलैंड कैवेलियर्स बास्केटबॉल टीम के मालिक ग्रेग श्वार्ट्ज और डैन गिल्बर्ट के साथ मिल कर स्थापित किया था।

इसकी शुरूआत डाई-हार्ड कलैक्टरों के लिए एक छोटे से प्रयास के रूप में हुई लेकिन उस वक्त एक ‘अंडरग्राऊंड मार्कीट’ से विकसित होते हुए आज यह एक प्रमुख कारोबारी स्थल बन चुका है और कोरोना वायरस तो इसे और भी ज़्यादा तेजी प्रदान कर रहा है।

इन्वैस्टमैंट बैंक ‘काऊवेन एंड कम्पनी’ के एक अध्ययन के अनुसार कोरोना महामारी स्नीकर्स और स्ट्रीट वियर मार्कीट के डिजिटल परिवर्तन में तेजी ला रही है।

विश्लेषकों का अनुमान है कि अमरीका में सैकेंड हैंड’ चीजों का बाजार में लेन-देन 2 बिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर चुका है और इसमें 20 प्रतिशत की वार्षिक दर से वृद्धि हो रही है।

एक तरह की सम्पत्ति बने स्नीकर्स

स्नीकर्स एक ‘बूमिंग एसैट क्लास’ बन चुके हैं जो निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में इन्हें भी शामिल करने के अवसर दे रहे हैं। गत वर्ष ‘स्टॉकएक्स’ 7.5 मिलियन लेन-देन करते हुए अपने राजस्व को 400 मिलियन डॉलर तक ले गया।

डैट्रोइट स्थित इस कम्पनी का कहना है कि यह 2020 के मध्य से ही मुनाफे में है और जल्द ही अपना ‘आई.पी.ओ.’ लांच करना इसका मकसद है।

नीलामी में करोड़ों में बिके जूते

स्नीकर्स की नीलामी भी अब खूब ध्यान आकर्षित कर रही है। चीनी मिट्टी और चमड़े से बने ‘ट्रेनर्स’ की एक जोड़ी (एडिडास और मीसेन के बीच सहयोग से बना एक अनूठा जूता) गत वर्ष दिसम्बर में न्यूयॉर्क की एक नीलामी में 126,000 डॉलर यानी लगभग 94 लाख रुपए में बिकी।

बास्केटबॉल दिग्गज माइकल जॉर्डन द्वारा इस्तेमाल नाइकी एयर स्नीकर्स की एक जोड़ी ने सोदबी की नीलामी में गत वर्ष 560,000 डॉलर यानी लगभग 4 करोड़ 17 रुपए प्राप्त किए थे।

इससे पहले वर्ष 2019 में 1972 में बने नाइकी वेफल रेसिंग फ्लैट ‘मून शू’ के लिए नीलामी में सवा 3 करोड़ मिले थे।




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